लालकुआं: सोमवार को इलाके के वरिष्ठ समाजसेवी और प्रॉपर्टी डीलर महेश जोशी (54) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय महिला पटवारी पूजा रानी द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
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सुसाइड नोट में पटवारी का नाम आने से ग्रामीण भड़के
खबरों के मुताबिक, महेश जोशी की जेब से मिले सुसाइड नोट में पटवारी पूजा रानी का नाम लिखा था। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण शव लेकर थाने पहुँच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन में दर्जनों ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के दबाव के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर पटवारी पूजा रानी को हिरासत में ले लिया। साथ ही रामनगर थाने में हुई पूछताछ का दृश्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीणों को दिखाया गया, जिसके बाद देर रात लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
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जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत
बताया जा रहा है कि महेश जोशी ने रविवार को लालकुआं तहसील के पास जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले हल्द्वानी और फिर भोजीपुरा स्थित राम मूर्ति अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बबूर गुमटी निवासी महेश जोशी अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियाँ और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके आकस्मिक निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण अभी भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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