लालकुआं: सोमवार शाम तेज़ तूफ़ान और बारिश ने तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में हवाएँ इतनी तेज़ थीं कि मज़दूर बस्ती की कई झोपड़ियों की छतें उड़ गईं और लोग भागने पर मजबूर हो गए। सबसे गंभीर हादसा वार्ड क्रमांक 1 स्थित अंबेडकर पार्क के पास हुआ, जहाँ सीमेंट का बिजली का खंभा टूटकर सड़क किनारे खड़ी एक कार पर गिर गया। गनीमत रही कि मौके पर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटना के समय सड़क पर कोई नहीं था, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान टल गया। आस-पास के निवासियों ने तुरंत बिजली विभाग और नगर परिषद को सूचना दी।
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बिजली गुल, रात भर अंधेरा
टूटे हुए पोल के कारण वार्ड नंबर 1 और वार्ड नंबर 2 के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। देर रात तक बिजली नहीं आई, जिससे निवासियों को अंधेरे में फंसना पड़ा। बारिश थमने के बाद, बिजली विभाग और नगर परिषद की टीमें मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद टूटे हुए खंभे को सड़क से हटाया। देर रात तक काम चलता रहा और उसके बाद ही मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।
तेज़ तूफ़ान ने मज़दूर बस्ती की कई झोपड़ियों की छतें उड़ा दीं। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोग दहशत में अपने घरों से भाग गए। कई परिवारों को पास के स्कूलों और अन्य सुरक्षित ठिकानों में अस्थायी शरण लेनी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे पुराने और जर्जर बिजली के खंभों का निरीक्षण किया जाए ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।
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लालकुआं की बिजली पोल की घटना सुनकर मुझे यकीन हो गया है कि मौसम ने ही सब कुछ बुरा किया है, पर बिजली विभाग की मशक्कत देखकर आश्चर्य हुआ! टूटे हुए खंभे हटाने के लिए देर रात तक काम करना बहुत ही सच्चाई है। पर फिर भी कोई बात नहीं है, यदि हमें बाद में सोचने की जरूरत हो। देहरादून का जूस विक्रेता की कहानी पढ़कर अब मैं सड़क किनारे जूस पीने से डर रहा हूँ! साथियों, हमें सबको सुरक्षित रहने की आदत बनानी है।nano banana image creation
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तोहारी बिजली पोल गिरने की खबर पढ़ कर मुझे लगता है जैसे वो तो मेरी बिजली चाहती है! देर रात तक अंधेरे में फंसना सही तो नहीं, लेकिन तूफान बाद टीमें जैसे गड़गड़ी बाज़ू में चल रहीं, वो देख कर हँसना पड़ा! पुराने खंभे को हटाने की बात सही है, लेकिन भविष्य में ऐसा दोहरा न होना चाहिए। सड़क किनारे जूस पीने से डरने वाले लोगों को मैं याद दिलाता हूँ, जूस बाज़ार तो देखना को तो पराक्रम है!app đếm ngược ngày sinh nhật
तोहारे जूस विक्रेता की घटना सुनकर अंदाजा लग गया कि मैं भी सड़क किनारे जूस से दूरी बनाता हूँ! बिजली पोल गिरने की खबर पढ़ कर हवा में उड़ान लगी, फिर भी टूफ़ान की खबर पर पल्ला उठाता हूँ कि आओ इस बार टूफ़ान को भी जूस विक्रेता की तरह कैद कर दें! नगर परिषद और बिजली विभाग की कड़ी मशक्कत सरी है, लेकिन फिर भी बेटा जैसे लोग दिल्ली जाते ही हिल जाते हैं, तो अब जूस पीने से ही हिलने की आदत बन जाएगी!tải video Facebook
बिजली पोल गिरने की खबर पढ़ कर मुझे लगता है कि बिजली विभाग को टूफ़ान की तुलना में ज़्यादा तेज़ी से सोचनी चाहिए! रात भर अंधेरे में फंसने की दुःखाकथा सुनकर आपने भी सोचिए कि अगर टूफ़ान की बजाय हमें बिजली की चिंता करनी पड़े, तो हमारी जिंदगी कैसी होती। लेकिन चलो इससे भी अच्छा करते हैं, क्या नहीं? 😉🌪️💡quay random