Uttarakhand: नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के दो प्रमुख सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में 1 जनवरी से नई व्यवस्थाएं लागू होंगी। इन परिवर्तनों का प्रभाव कर्मचारियों के कामकाज और सेवाओं की पारदर्शिता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। विभागीय स्तर पर इन परिवर्तनों की तैयारियों को तेज कर दिया गया है।
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सभी अस्पतालों में लागू होगी आधार बेस्ड बायोमीट्रिक हाजिरी
राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में 1 जनवरी से आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके तहत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य सभी कर्मचारियों को समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा साथ बैठक की और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में बायोमेट्रिक मशीनों से संबंधित किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। सभी केंद्रीय आयुक्तों को अपने-अपने जिलों में उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस नई प्रणाली से अस्पताल कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी। इसके अलावा, 108 एम्बुलेंस सेवा की प्रतिक्रिया समय को कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यूपीसीएल में छुट्टी और एनओसी की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) भी 1 जनवरी से ऑनलाइन अवकाश मॉड्यूल लागू करने जा रहा है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि पहले चरण में, ग्रुप ए, ग्रुप बी और ग्रुप सी के तहत काम करने वाले जूनियर इंजीनियर, लेखाकार, सहायक लेखाकार, तकनीकी सहायक और अन्य कर्मचारियों को इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
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अब कर्मचारियों को सीएल, आरएल, एमएल, सीसीएल और प्रतिबंधित अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा, चल या अचल संपत्ति की खरीद के लिए एनओसी भी इसी ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से जारी की जाएगी।
इसके लिए सभी कर्मचारियों को अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो सके।
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