हल्द्वानी: हल्द्वानी के मशहूर ठेकेदार धनंजय गिरि से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित धोखाधड़ी के मामले ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस प्रशासन ने जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है। कुमाऊं रेंज के आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में ठेकेदार धनंजय गिरि के खिलाफ 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, निष्पक्ष और त्वरित जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर सच्चाई को दबाया न जा सके।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2018 से अब तक धनंजय गिरि के खिलाफ कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकतर मामले वित्तीय अनियमितताओं, धोखाधड़ी और कथित जालसाजी से संबंधित हैं। इन सभी मामलों की एक साथ गहन जांच की जा रही है।
मामले को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए, हल्द्वानी शहर के पुलिस अधीक्षक को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का प्रमुख नियुक्त किया गया है। एसआईटी धनंजय गिरि से जुड़े पूरे नेटवर्क, लेन-देन और उनकी भूमिकाओं की जांच करेगी।
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आईजी कुमाऊं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया है कि ठेकेदार धनंजय गिरि को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।
इसके साथ ही, आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास धनंजय गिरि से संबंधित किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या लेनदेन के बारे में कोई जानकारी है, तो उसे बिना किसी डर के पुलिस को सूचित करना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों और धनंजय गिरि के संपर्क में रहे कुछ व्यापारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे कथित धोखाधड़ी नेटवर्क की असली तस्वीर सामने आएगी।
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