देहरादून: उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले नकल माफिया हाकम सिंह और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। दोनों पर परीक्षा में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से भारी मात्रा में धन ऐंठने का आरोप है।

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खुलासा कैसे हुआ?
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा से पहले ही पुलिस और एसटीएफ की टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान पता चला कि पंकज गौड़ अभ्यर्थियों से संपर्क कर 12 से 15 लाख रुपये की मांग कर रहा था।
गिरफ्तारी के बाद, हाकम सिंह और पंकज गौड़ ने स्वीकार किया कि वे परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठते थे। अगर कोई अभ्यर्थी अपने दम पर सफल हो जाता, तो वे पैसे अपने पास रख लेते और असफल अभ्यर्थियों को अगली परीक्षा में मदद का वादा करते।
पुलिस का बयान
देहरादून पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया। आरोपियों को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे एक बड़े नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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यार, ये नकल माफिया तो सच में बहुत बड़े खेल खेल रहे थे। मुझे तो यकीन ही नहीं होता कि लोग ऐसे पैसे दे देते हैं पास होने के लिए! अगर मेहनत से पढ़ाई करें, तो किसी को भी मदद की जरूरत नहीं।
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