Uttarakhand: दिल्ली में एक बार फिर उत्तराखंड के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रोजगार की तलाश में पहाड़ छोड़कर दिल्ली आए और नैनीताल जिले के बेतालघाट क्षेत्र के ऊंचाकोट मल्ला गांव के निवासी प्रेमचंद की टर्निंग प्वाइंट होटल में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
यह घटना कल रात करीब 1:45 बजे की बताई जा रही है। खबरों के मुताबिक, प्रेमचंद का होटल में काम करने वाले उत्तर प्रदेश निवासी अखिलेश नाम के एक व्यक्ति से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अखिलेश ने प्रेमचंद के सीने में कई बार चाकू घोंप दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
जैसे ही प्रेमचंद की मौत की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में मातम पसरा है। प्रेमचंद की पत्नी और दो छोटे बच्चे अब बेसहारा हैं।
गांव के लोगो का कहना हैं कि प्रेमचंद एक मेहनती और ईमानदार युवक था, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली में एक होटल में काम करने गया था।
रोशन रतूड़ी ने जताया दुख, उठाई न्याय की मांग
उत्तराखंड के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता रोशन रतूड़ी ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा: यह बहुत दुखद समाचार है। उत्तराखंड के एक और होटल व्यवसायी की दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
रतूड़ी ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
दिल्ली पुलिस ने तुरंत आरोपी अखिलेश को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जाँच में पता चला कि दोनों के बीच मामूली बात पर झगड़ा हुआ था। यह झगड़ा जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड का कोई युवा रोज़गार की तलाश में घर छोड़कर अपनी जान गंवा बैठा हो। रोज़गार की कमी और सीमित अवसरों के कारण कई पहाड़ी युवा शहरों में काम करने को मजबूर हैं। लेकिन इन युवाओं की कड़ी मेहनत और संघर्ष अक्सर दुखद कहानियों में तब्दील हो जाता है। प्रेमचंद की हत्या ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि पहाड़ के लोग आज भी अपनी ज़िंदगी और रोज़ी-रोटी, दोनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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