High voltage drama in Nainital district panchayat elections, High Court orders re-poll
नैनीताल में गुरुवार सुबह जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए हो रहे चुनाव के दौरान सियासी घमासान देखने को मिला। कांग्रेस समर्थित पांच सदस्यों के कथित अपहरण का मामला इतना तूल पकड़ गया कि मामला सीधे उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि चुनाव दोबारा कराया जाए और सभी सदस्य पुलिस सुरक्षा में मतदान करें।

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उच्च न्यायालय का सख्त आदेश
चुनाव प्रक्रिया के दौरान पांच सदस्यों के लापता होने पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम वंदना से पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में राज्य चुनाव आयोग को सिफारिश भेजी जा रही है और एसएसपी को अपहरण के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
अदालत के आदेश के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी सदस्यों को सुरक्षित मतदान केंद्र तक लाया गया। 10 सदस्यों को दो वाहनों से जिला पंचायत कार्यालय ले जाया गया, जहाँ गहमागहमी के बीच मतदान हुआ। अब तक 22 सदस्य वोट डाल चुके हैं।
सुबह नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस समर्थित सदस्यों के अपहरण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र पर हमला है और निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कांग्रेस हार की आशंका से चिंतित है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए हैं। वीडियो में कुछ लोगों को गाड़ियों में भरकर ले जाते हुए देखा जा सकता है, जिससे अपहरण के आरोपों को और बल मिला है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए पुनर्मतदान होना तय है। साथ ही पुलिस को लापता पाँच सदस्यों को ढूँढ़कर मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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