A delay in treatment at Dr. Sushila Tiwari Hospital, a 14-year-old promising student, died
Haldwani: स्कॉलर्स एकेडमी, इंदिरानगर के होनहार छात्र पीयूष बिष्ट (14) की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। खेल से लेकर पढ़ाई तक हर क्षेत्र में नाम कमाने वाले इस बच्चे के परिवार ने उसकी मौत के लिए डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी की खराब हालत को जिम्मेदार ठहराया है।

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परिजनों के अनुसार, पीयूष के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां दो घंटे तक वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं कराया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने हड़ताल का हवाला देकर इलाज में देरी की। परिवार का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान चली गई।
पीयूष के परिजन पप्पी बिष्ट और गुड्डू बिष्ट का कहना है कि जब बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाया गया तो डॉक्टर ने साफ कह दिया, अगर 10 मिनट पहले आ जाते तो बच जाता। परिजनों का आरोप है कि हड़ताल के नाम पर उन्हें दो घंटे तक इलाज से वंचित रखा गया और बिजली गुल होने से उपकरणों ने भी काम करना बंद कर दिया, जिसके कारण पहले ही कई अन्य बच्चों की जान जा चुकी है।
शोकाकुल परिजनों ने कहा कि प्रशासन को अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था को तुरंत सुधारना चाहिए तथा कर्मचारियों का वेतन समय पर देना चाहिए ताकि इलाज में किसी प्रकार की कोताही न हो। उन्होंने यह भी कहा, यदि उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है, तो अस्पताल के गेट पर नोटिस लगा दें कि यहां उचित उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।
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इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों की ऐसी लापरवाही आम हो गई है और अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो लोग अपने बच्चों को ऐसे अस्पतालों में लाने से डरेंगे।










